रिश्ते -Relationship कविता हिंदी में -रचियता महादेव प्रेमी Mahadev Prashad Premi July 28, 2021 Hindi poems 0 Comments कहते है रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पेड़ जैसा भी रखना, जो सीख भले ही कड़वी देता हो पर तकलीफ में मरहम… Spread the love
कोयला -हिंदी कविता- रचियता महादेव प्रेमी Mahadev Prashad Premi July 25, 2021 Hindi poems 0 Comments मनुष्य जीवन की उन्नति संगति से ही होती है। संगति से उसका स्वभाव परिवर्तित हो जाता है। संगति ही उसे नया जन्म देता है। जैसे,… Spread the love
Chinta -चिंता हिंदी कविता-रचियता-महादेव प्रेमी Mahadev Prashad Premi July 25, 2021 Hindi poems 1 Comment चिंता की एक बहुत ही उपयुक्चित व्याख्या विकिपीडिया से ली गयी है “एक भविष्य उन्मुख मनोदशा है, जिसमें एक व्यक्ति आगामी नकारात्मक घटनाओं का सामना… Spread the love
‘ जुवान को समेट कर रखें ‘-Hindi poem Mahadev Prashad Premi July 24, 2021 Poems 0 Comments ‘ जुवान को समेट कर रखें ‘ जुवान पर लगाम औरफलों में आम,ये श्रेष्ठ माने जाते है, किसी ने क्या खूव कहा है,लम्वा धागा और… Spread the love
‘उठाना नहीं’ Hindi Kavita Poem अतुकांत कविता-Mahadev Premi Mahadev Prashad Premi July 24, 2021 Poems 0 Comments ‘उठाना नहीं‘ जिन्दगी का एक सीधा सा गणित याद रखो, जहाँ कदर नहीं,वहां जाना नहीं, जो पचता नहीं,उसे खाना नहीं, और जो सच वोलने पर… Spread the love
सपना बन जाए-हिंदी कविता Mahadev Prashad Premi July 24, 2021 Poems 0 Comments कोई खुशियों की चाह में रोया,कोई दु:खों की परवाह में रोया,अजीव सिलसिला है इस जिंदगी का,कोई भरोसे के लिए रोया,कोई भरोसा करके रोया,कभी कोई जिन्दगी… Spread the love
“कुण्डली” 6चरण “कर्म”_हिंदी कविता महादेव “प्रेमी “ Mahadev Prashad Premi July 14, 2021 Poems 0 Comments कर्म गठरिया लाद कर,जग फिर है इन्सान,जैसा कर वैसा भरे,विधि का यही विधान,विधि का यही विधान,कर्म से सव कुछ आवै,दुख से बदले सुख,सभीविपदा टल जावै,कर्म… Spread the love
“कुण्डली” 6चरण “अखवार”-रचियता -महादेव “प्रेमी”-Newspaper Reading Poem Mahadev Prashad Premi July 12, 2021 Poems 0 Comments “कुण्डली”6चरण।“अखवार”अखवार प्रात ही घरपर,ले आता समचार,हिंसा चोरी लूट हो,होवे अत्याचार।होवे अत्याचार,सुसाइड वलत्कार हो।खूव फजीती होय,जो नेता भृष्टखोर हो,राजनीति की चाल,से काम करे सरकार,देश विदेशी खवर,सव… Spread the love
वर्षा कविता(poem on Rain )-रचियता -महादेव गर्ग प्रेमी Mahadev Prashad Premi July 12, 2021 Poems 0 Comments वर्षा के दिन आ गये , भरे तलैया ताल खेती की आशा बनी,कृषक हुए खुशहाल न्रत्य करत है मोर पपहिये ने टेर लगाई “प्रेमी” खुश… Spread the love
नववर्ष मंगलमय (नववर्ष विशेष) -व्यग्र पाण्डेय Vyagra Pandey December 25, 2020 Blogs 1 Comment नव वर्ष मंगलमय -हिंदी कविता नव बर्ष विशेस कवी सम्राट व्यग्र पाण्डेय द्वारा रचित Spread the love