जिनके इशारों से होते थे कब्जे
हर सड़क के कोने
कब्रें मजार बन गये
कि हुकूमत क्या बदली
कि बुलडोजरों को देखकर
खुद ही जमीदोज हो गये ।
जो कुत्तों से मिलवाते थे
नेताओं के हाथ
औ जिनके कुटुंब जन
करते थे सूबे में राज
हुकूमत क्या बदली कि
बुलडोजरों को देखकर
हवेलियों की दुआ मांगते है
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