अवैध प्रसव(Illegal Abortion )-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Sep 3, 2021 हिंदी लेख 0

अवैध प्रसवडॉ. श्रीगोपाल काबरा हमारे चिकित्सालय के नए अधीक्षक, नौसैना में सर्जन कोमोडर के पद से रिटायर हुए थे। अस्पताल में हाल ही में एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसके लिए किसी ने ‘शिकायत’ की कि वह महिला अविवाहित है और सन्तान ‘अवैध’ है। “क्या किया जाए ?” यही चर्चा का विषय […]

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Aug 29, 2021 Blogs 0

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)डॉ. श्रीगोपाल काबरा मेरी क्यूरी ने 1902 में रेडियम का आविष्कार किया। इससे गामा किरणें निकलती हैं। शरीर के आर-पार जाती इन किरणों से हड्डियाँ देखी जा सकती हैं। कोशिकाओं के पार जाती इन आयनीकारक किरणों से कोशिका की जीन (डी.एन.ए.) संरचना बिगड़ सकती है जिसके कारण समयोपरान्त कैन्सर होता है। […]

जन्म के समय लिंग अनुपात के कारक डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Aug 28, 2021 Blogs 0

जन्म के समय बच्चों में लिंग अनुपात क्या होगा, उसे निर्धारित करने वाले कौन-कौनसे कारक (डिटरमिनेन्टे) हैं? यह समझना इतना सरल नहीं है जितनासाधारणतया सोचा जाता है।यह सर्वविदित है कि सामान्यतः जन्म के समय लड़के अनुपात में लड़कियों से अधिक होते हैं – 104-107 लड़के प्रति 100 लड़कियाँ। लेकिन यह अनुपात भिन्न हो सकता है। […]

Deepak-Hindi poem दीपक हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi Aug 4, 2021 हिंदी कविता 0

दीपक मिट्टी का बना हो,या सोने का,रोशनी कितनी देता है,सवाल है इस वात का,कोई धनी हो या गरीव,मुसीवत में कितना हो करीव,महत्व है इस वात का,फूलों से महक,मेहनत भरी क्यारियों से ही आती है,क्रतिम फूलों से तो केवल,प्रदर्शनी ही लगाई जाती है।

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनाल-Amniotic fluid,Chord and Placenta

Dr Shree Gopal Kabra Aug 4, 2021 Blogs 0

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनालडॉ. श्रीगोपाल काबरानाभिनाल -शिशु को आँवल (प्लैसेन्टा) से जोड़ती है नाभिनाल। इसमें अत्यधिक बल खाई हुई दो धमनियाँ (आर्टरी) होती हैं और एक शिरा (वेन)। धमनियाँ शिशु के शरीर से अशुद्ध रक्त आँवल को ले जाती हैं और शिरा, शुद्ध हुआ रक्त, और माँ के रक्त से प्राप्त पोषक तत्त्व, […]

‘ परिस्तिथी ‘ Hindi Kavita-Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi Jul 28, 2021 हिंदी कविता 0

कहा जाता है समय और परिस्थिति सदैव पक्ष में हो ज़रूरी नहीं!हमारा नज़रिया जैसा होता है व्यवहार भी उसी तरह का होने लगता है | अंततः ये हमारे द्वारा किये जाने वाले सृजन को प्रभावित कर ही लेता है | लेखक ले कर आये है परिस्थितियों के अपने नजरिये को कविता के माध्यम से ‘ […]

तैरना नहीं आता -कविता हिंदी-रचियता महादेव प्रेमी

Mahadev Prashad Premi Jul 28, 2021 हिंदी कविता 0

एस अकबरी ने कहा है की तैरना नहीं आता तुम्हे और इल्जाम पानी पर लगाते हो. कविता के माध्यम से लेखक ने इस सांकेतिक भाषा में हमारी परिस्थितियों के लिए स्यंव को जिम्मेदार न मानकर परिस्थितियों को जिम्मेदार बताते है

रिश्ते -Relationship कविता हिंदी में -रचियता महादेव प्रेमी

Mahadev Prashad Premi Jul 28, 2021 हिंदी कविता 0

कहते है रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पेड़ जैसा भी रखना, जो सीख भले ही कड़वी देता हो पर तकलीफ में मरहम भी बनता है कुछ ऐसे ही रिश्तो की खाती मीठी बातो को कविता के माध्यम से पिरोया है

कोयला -हिंदी कविता- रचियता महादेव प्रेमी

Mahadev Prashad Premi Jul 25, 2021 हिंदी कविता 0

 मनुष्य जीवन की उन्नति संगति से ही होती है। संगति से उसका स्वभाव परिवर्तित हो जाता है। संगति ही उसे नया जन्म देता है। जैसे, कचरे में चल रही चींटी यदि गुलाब के फूल तक पहुंच जाए तो वह देवताओं के मुकुट तक भी पहुंच जाती है। ऐसे ही महापुरुषों के संग से नीच व्यक्ति […]

Chinta -चिंता हिंदी कविता-रचियता-महादेव प्रेमी

Mahadev Prashad Premi Jul 25, 2021 हिंदी कविता 1

 चिंता की एक बहुत ही उपयुक्चित व्याख्या विकिपीडिया से ली गयी है “एक भविष्य उन्मुख मनोदशा है, जिसमें एक व्यक्ति आगामी नकारात्मक घटनाओं का सामना करने का प्रयास करने के लिये इच्छुक या तैयार होता है जो कि यह सुझाव देता है कि भविष्य बनाम उपस्थित खतरों के बीच एक अंतर है जो भय और चिन्ता […]