कोविड 19 विषाणु रोग प्रतिरोध अर्जित करने की क्षमता
प्रस्तुत है डॉ एस जी काबरा द्वारा रचित लेख कोरोना विषाणु के विरुद्ध अर्जित प्रतिरोधक क्षमता बात अपने देश की पर अपने लेख कविता प्रकाशनार्थ आमंत्रित
प्रस्तुत है डॉ एस जी काबरा द्वारा रचित लेख कोरोना विषाणु के विरुद्ध अर्जित प्रतिरोधक क्षमता बात अपने देश की पर अपने लेख कविता प्रकाशनार्थ आमंत्रित
कोविड-19 वायरस से मृत्यु के विश्वव्यापी बेबुनियाद आंकड़े -लेख डा एस जी kabra .देश और देश के लोगो की बाते सिर्फ बात अपने देश की पर. आज ही जुड़े ,पाठक के रूप में या लेखक के रूप में
लॉक डाउन का एक दिन-लेख हनुमान "मुक्त " जुड़े बात अपने देश की से और पढ़े देश के कवियों लेखको के रुचिकर लेख
Seeing the increasing graph of Coronavirus infection,it seems like soon the half population of India will be infected. Share your blogs,contents,though on Baat Apne Desh Ki Contact us [email protected]
in the last several decades everything in the world has changed, the methods of fighting the war have changed, the way of working has changed, the way of travel has changed but the way of campaigning among the people has not changed. But now for the first time in history, this method of mass democracy […]
जैविक संसार, जीव जगत।प्राणियों में श्रेष्ठ मानव। उसकी श्रेष्ठता का आधार उसकीसोच, विचार, चिंतन, कल्पना और परिकल्पना की शक्ति। अपनीपरिकल्पना को परखनेकी जिजीविषा। इसके लिए तकनीक विकसित करना। हमारे पुरखों को भान था कि अदृष्य जीवोंका संसार है। करोडों योनियों की परिकल्पना। उस परिकल्पना को परखने की उन्नत तकनीक विकसित की गई। यह केवल मनुष्य […]
वायरस की वजह से जब पूरा देश लॉक डाउन की स्थिति में है ऐसे में व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड रहा है. प्रबासी मजदूर अपने अपने घरो को लौट रहे है इसलिए शहरो में छोटी ,बड़ी सभी फैक्ट्रीज जहा manual लेबर ज्यादा था वो सब बंद हो गयी है.व्यापारियों को समझ में नहीं आ […]
गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को।पर आज मत रोको मुझको, बस मुझे अब जाने दो।।मैं खुद जलता था तेरे कारखाने की भट्टियां जलाने को,मैं तपता था धूप में तेरी अट्टालिकायें बनाने को।मैंने अंधेरे में खुद को रखा, तेरा चिराग जलाने को।मैंने हर जुल्म सहे भारत को आत्मनिर्भर बनाने को।मैं टूट गया […]
जिस तरह कोरोना महामारी एक विकराल रूप लेकर पूरे विश्ब को चुनोती दे रही है ,उस से पूरा मानव समाज में जो मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा उसकी कल्पना मात्र से ही मन सिहर उठता है.
जिस तरह से कोरोना खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है उस से तो शायद येही लगता है हमे अब इस कोरोना रुपी राक्षस के साथ जी लेने की आदत डाल लेनी चाहिए . यु तो विश्ब भर में इस महामारी को खत्म करने के अथक प्रयास किये जा रहइ है फिर भी ऐसा लगता है जैसे यह बीमारी विश्ब में कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं होगी