‘ जुवान को समेट कर रखें ‘-Hindi poem

Mahadev Prashad Premi Jul 24, 2021 Poems 0

‘ जुवान को समेट कर रखें ‘ जुवान पर लगाम औरफलों में आम,ये श्रेष्ठ माने जाते है, किसी ने क्या खूव कहा है,लम्वा धागा और लम्वी जुवान,हमेशा उलझ जाती है, इसलिये धागे को लपेट कर,और जुवान को समेट कर रखें ।

“रस गुल्ला” हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi Jun 30, 2020 Poems 1

रसगुल्ला हिंदी कविता मिठाइयो का बंगाली सरताज रसगुल्ला के ऊपर लिखी एक हंसाती गुदगुदाती कविता है ,पाठको को जरूर पसंद आएगी

आलु भरे परांठे हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi Jun 26, 2020 Poems 0

आलु भरे परांठे हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित. बात अपने देश की सभी पाठको को देश के लेखको द्वारा रचित लेख कविता विचार आदि से अवगत कराती है

“बिटिया” हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi Jun 25, 2020 Poems 0

पढ़े हिंदी कविता बिटिया महादेव प्रेमी द्वारा रचित. आने विचार कविता लेख आदि प्रकाशन लिए बात अपने देश की पर सम्पर्क करे

“केसरिया परिधान ” हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi May 31, 2020 Poems 0

“केशरिया परिधान”कुण्डली 6चरण केशरिया परिधान लखि,हर विपक्षी वेहाल,राज नीति कैसे चले,लेय वाल से खाल, लेय वाल से खाल,देख इस को पहिचानो,दिखे देश का भक्त,इसे आतंकी मानो, “प्रेमी”धारा लगा,कोई कैसे भी तरियां,चाहे हो निर्दोष,लाल कर दो केशरिया। रचियता- महादेव “प्रेमी” अगर आप पहेलिय पढने में या बूझने में रूचि रखते है तो मेरे द्वारा संकलित पहेली […]

“हरित वाटिका” हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi May 31, 2020 Poems 0

“हरित वाटिका”कुण्डली 6चरण हरित वाटिका में युगल,कर रहे मेल मिलाप,होट परस्पर मिल रहे,कर रहे वार्तालाप, कर रहे वार्तालाप,मिली इनको आजादी,हिन्दु संस्क्रति भूल,बने पश्चिम के वादी, “प्रेमी”ये ही हाल कि,वालक और वालिका,नित्य देख मधुपर्व,घूमले हरित वाटिका। रचियता -महदेव “प्रेमी “ आपको हमारी कविताएं कैसी लग रही है,कृपया अपने विचार नीचे दिए गए कमेन्ट बॉक्स में जरूर […]

चोरी हिंदी कविता महादेव प्रेमी रचित

डॉ मुकेश 'असीमित' May 30, 2020 Poems 0

“चोरी”कुण्डली 6चरण चोरी यद्यपि पाप है,चोरी है अपराध,फिर भी चोरी कीजिये,अधिकारी को साध, अधिकारी को साध,चलेगी रिस्वत खोरी,विजलि पानी टैक्स,कीजिये जमकर चोरी, “प्रेमी”कह ये काम,भरे नोटों से बोरी,बना लीजिये संघ,साथ मिल करिये चोरी। रचियता- महादेव प्रेमी CANVAS AND PAPER PRINTS OF HANDMADE PAINTINGSUltra-premium museum quality with outstanding details

“नीड छोड़” हिंदी कविता महादेव प्रेमी

डॉ मुकेश 'असीमित' May 29, 2020 Poems 0

मेरी कविता शीर्षक नीड छोड़ उन प्रवासी मजदूरों को समर्पित जो अपने पेट पालने खतिर अपना घरबार छोड़ कर दूर देश में अन्य राज्यों में या बाहर विदेश में मजबूरी में अपना जीवन यापन कर रहे है. “नीड़ छोड”कुण्डली 8चरण नीड़ छोड़ पंछी उड़ा,सात समुन्दर पार,दो रोटी की फिक्र में,जीवन रहा गुजार, जीवन रहा गुजार,फक्र […]

“हाथ पैर यदि पास” हिंदी कविता

Mahadev Prashad Premi May 27, 2020 Poems 0

“हाथ पैर यदि पास”कुण्डली 8चरण हाथ पैर यदि पास हों,मांग कभी ना भीख,साहस पंखों में जगा,नभ में उड़ना सीख, उड़ना नभ में सीख,कभी झोली न पसारो,कर्म कोइ भी करो,ताहि सो होय गुजारो, हाथ पैर यदि साथ,देय तो मांग न जइहैं,मांगन मरण समान, तु जीते जी नहिं मरिहैं, “प्रेमी”मांग न कभी,भी जब तक तन की आस,काम […]