रैपिडो युग: अब आदमी से पहले उसकी लोकेशन पहुँच जाती है

Anushka Garg Aug 21, 2026 News and Events 0

रैपिडो बुक करते ही आदमी बाद में मिलता है, लेकिन उसका नाम, बाइक नंबर, रेटिंग और लोकेशन पहले पहुँच जाती है। डिजिटल मैप, लाइव लोकेशन और बाइक टैक्सी के इस दौर पर पढ़िए एक चुटीला हास्य-व्यंग्य।

विवाह समारोह की टेबल पर लटका क्यू आर कोड !

Prem Chand Dwitiya Jul 13, 2026 व्यंग रचनाएं 1

क्यूआर कोड ने दुकानों, सब्जी मंडियों, टिकटों और भीख मांगने तक के तरीकों को बदल दिया है। लेकिन जब बाबू चाचा ने बेटे की शादी में लिफाफों की जगह उपहार काउंटर पर क्यूआर कोड लटका दिया, तब डिजिटल भुगतान ने विवाह की परंपराओं में भी शानदार प्रवेश कर लिया। आधुनिक तकनीक और सामाजिक व्यवहार पर रोचक हास्य-व्यंग्य।

देशभक्ति वर्क फ्रॉम होम: डिजिटल क्रांतिकारियों पर तीखा व्यंग्य

डॉ मुकेश 'असीमित' Apr 25, 2026 व्यंग रचनाएं 0

देशभक्ति वर्क फ्रॉम होम अब देखिए, देश बदला है तो जाहिर है देशभक्ति भी बदली है। अब आप भी कहाँ पुराने देशभक्ति का राग छेड़ने लगे हैं… गया वो ज़माना जब देशभक्ति हल चलाते किसान के पसीने में टपकती थी, सैनिक की वर्दी में शान से सीना उठाए चलती थी, और देश के युवा खून […]

राष्ट्रीय सुरक्षा और एआई: साइबर युद्ध के नए दौर की चुनौती

Dr Shailesh Shukla Mar 20, 2026 शोध लेख/विमर्श 0

कृत्रिम मेधा (AI) ने युद्ध की परिभाषा बदल दी है। साइबर हमले अब केवल तकनीकी खतरे नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यह लेख साइबर युद्ध के बदलते स्वरूप, भारत की स्थिति और एआई की दोधारी भूमिका पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

युवा शक्ति और भारत की वैश्विक पहचान

डॉ मुकेश 'असीमित' Jan 19, 2026 हिंदी लेख 0

इक्कीसवीं सदी में भारत की वैश्विक पहचान उसकी युवा शक्ति गढ़ रही है—जो तकनीक, संस्कृति और नैतिकता को साथ लेकर चलती है। ब्रेन ड्रेन से ब्रेन सर्कुलेशन तक का यह सफ़र भारत को उपभोक्ता नहीं, समाधानकर्ता राष्ट्र बनाता है।

सोशल मीडिया बैन पर किशोर मचाए शोर !

Prem Chand Dwitiya Jan 8, 2026 व्यंग रचनाएं 0

सोशल मीडिया पर बैन की ख़बर ने किशोरों को सिर्फ़ चिंतित नहीं किया, उन्हें किंकर्तव्यविमूढ़ कर दिया। जहाँ किशोर अपनी डिजिटल पहचान के छिनने से डर रहे हैं, वहीं बुज़ुर्ग पीढ़ी उसी स्मार्टफोन में गुम है, जिस पर प्रतिबंध की बात हो रही है। यह कहानी केवल मोबाइल की नहीं, बल्कि पीढ़ियों के दोहरे चरित्र और डिजिटल नैतिकता की है।

“AI हर जगह है” — एक व्यंग्य

Wasim Alam Jan 2, 2026 व्यंग रचनाएं 0

तकनीक जितनी स्मार्ट होती जा रही है, इंसान उतना ही अपने सवालों से भागता जा रहा है। AI जवाब दे रहा है— पर सवाल पूछने वाला अब खुद नहीं सोच रहा।