विवाह समारोह की टेबल पर लटका क्यू आर कोड !
डाॅ प्रेमचंद द्वितीय
वर्तमान हाईटेक युग में डिजिटल भुगतान के इस दौर में,, क्यूआर कोड,, का मर्तबा अनलिमिटेड है । जहां देखो वहां सफेद, काले चौकोर खाने से बने ,क्यू आर कोड , त्वरित काम करने की तैयारी के साथ लटके हुए है।इस ,क्यू आर कोड ,ने दुकानों पर कैश रखे जाने वाले गल्ले, को गला दिया, वहीं जेबों को जो नकदी से भरी रहती थी उसे खाली कर दिया है। जिस पर्स और वॉलेट में नकदी मुद्रा रखी जाती थी वह आजकल विभिन्न काडोॅ से भरे पड़े हैं ।आधार के बगैर घर से निकलने पर व्यक्ति की ,धार, ही ,बेजान ,हो जाती है। वहीं बगैर कैश से घर से निकला इंसान स्मार्टफोन के ,,क्यू आर कोड , से पूरा बाजार खरीद कर ला सकता है !
मॉर्निंग वॉक के दौरान पंडित शिवनारायण जी ,क्यू आर कोड, की महिमा और अनिवार्यता पर चर्चा कर इस कोड का गुणगान कर रहे थे। उसी वक्त परचूनी व्यवसायी सुनील भैया बोले अरे इस क्यू आर कोड ,ने दुकान में रखी जाने वाली तिजोरी के जोर को खत्म कर दिया है ।जब देखो और जब सुनो तभी आवाज आती है कि इतने इतने रुपए प्राप्त ! यह आवाज और कोई यह कोड ही देता है ।इस आवाज के आते ही ग्राहक और दुकानदार दोनों की गर्दने हां के लिए हिल जाती है । वे बोले इस त्वरित रिस्पांस करने वाली संकेतावली ने अभी तक जितने भी चलन में संकेत और कोड सब की हवा निकाल दी और उन्हें पिछले धकेल दिया है। ,क्यूआर कोड की चर्चा में वाकिया याद करते हुए नरेंद्र स्वामी जी बोले मैंने सब्जी मंडी से ,कोथमिर , लिया तो 5 रूपए खुल्ले नहीं थे तो सब्जी वाला बोला लौकी के ढेर पर पड़े चौकोर काले सफेद को देखो और उसको स्कैन कर कोथमिर के पांच रुपए डालो ।जब कोथमीर के 5 रूपए स्मार्टफोन से पहुंच गए तो सब्जी वाले ने कोड की तरह त्वरित प्रतिक्रिया दी की शाम तक गल्ले में नगदी उंगलियों पर गिने जाने वाला ही आता है ।बाकी लेन देन यह क्यू आर कोड ही कर देता है।इस क्यू आर कोड ने कोथमीर और कथीर से लेकर गोल्ड तक के खरीद फरोख्त में धूम मचा रखी है ।
इस बीच प्रिंट व्यवसाय से जुड़े पंकज जी आ टपके और बोले , क्यू आर कोड , ने मार्केटिंग और विज्ञापन ,ज्ञापन सभी को दरकिनार कर दिया है इस कोड से पेंपलेट ,पोस्टर, बैनर,होडिॅग, पैकेजिंग सब तेज गति से होने लगे है ।अरे मेरा बेटा क्यू आर कोड से इवेंट टिकट, प्रवेश टिकट ,रेल ,हवाई टिकट लेकर स्मार्ट कहलाने लगा है ।इस पर राजनीति में टिकट की मात खा कर फटीचर नेता बने भोला भाई बोले इस क्विक रिस्पांस कोड से पहुंचाए भुगतान के पर्याप्त न होने पर कोई रिस्पांस हाई कमान से नहीं मिला उधर हाथों-हाथ क्यू आर कोड से मुंह मांगा भुगतान करने पर दूसरा टिकट मार ले गया ।
वे बोले अरे क्यूआर कोड ने अपने बढ़ते हुए जलवे को बताते हुए उस वक्त अपनी अहमियत बता दी की एक महानगर में भीख मांगने वाले ने ने क्यू आर कोड की मदद से खुद को बदल लिया और
चौ रास्ता पर लाल बत्ती आने पर वाहनों के रुकते ही भीख मांगने वालो के लिए कैश नहीं होने का बहाना करने वाले से कहते हैं कि क्यू आर कोड मौजूद है इस पर डाल दीजिए। इस ,क्यू आर कोड ,ने भीख मांगने वाले मांगने के लिए हाथ फैलाने के स्थान पर इस कोड.के जरिए भीख की सीख लोगों को सिखा दी ।इस प्रकार डिजिटल भुगतान के दौर में भिक्षावृत्ति को भी नया स्वरूप इस कोड ने प्रदान कर दिया। इस पर दिलीप जी बोले ,क्यू आर कोड ,केवल भुगतान और व्यवसाय के लिए नहीं इसका दायरा असली नकली में भेद को जानने में भी होने लगा है ।नकली, घटिया दवाई और अन्य खाद्य चीजों पर अंकुश के लिए क्यू आर कोड प्रणाली ने अपना वजूद कायम किया है ।अब दवाइयां और अन्य खाद्य सामग्री पर कर कोड अनिवार्य होगा जो असली नकली की जांच कर पाएगा, वे बोले त्वरित ,सरल नैतिक और पारदर्शिता के लिए ये काले धोले चौकोर खाने वाले कोड अपनी संकेतावली से अच्छे बुरे दोनों का संकेत कर रहे हैं ।
जब इस क्यू आर कोड की चर्चा से मॉर्निंग वॉक ने भी क्वीक रिस्पांस से जोर पकड़ा तो हरिवल्लभ जी मॉर्निंग वॉक से घर लौटते वक्त बोले आप बहुत कम लोगों को पता है कि अपने कस्बे के बाबू चाचा ने 6 माह पहले हुई बेटी की शादी में कैश के लिफाफे कम आने पर परिचितों और रिश्तेदारों से चर्चा की तो उन्हें पता चला कि कैश जेब में न होने से और मोबाइल में होने से कई लोग लिफाफे नहीं दे सके ।इस कारण वैवाहिक उपहार यानी कि ,बान, के भरोसे ब्याह करने के उनके मंसूबे पर पानी फिर गया ! जब कुछ महीनो बाद ही उनके बेटे की शादी आई तो बाबू चाचा ने शादी के उपहार के काउंटर पर,, क्यू आर कोड ,, लटका दिया ताकि परिचित ,रिश्तेदार लिफाफे के झंझट से मुक्त हो जाए और उपहार की राशि ,क्यू आर कोड, से भेज दे । भले ही कोड से भेजी राशि उनके कोट के खीसे में डायरेक्ट न आए लेकिन ऑनलाइन खाते में जमा हो जाए और जैसे ही कोई उपहार की राशि इस कर कोड से डले , बाबू चाचा की आवाज निकले मेरी बेटे की शादी के उपहर के 500 रूपए प्राप्त हुए। क्यू आर कोड से निकली इस आवाज को सुनकर जो रिश्तेदार सौ दो सौ देने वाले थे उन्हें भी पांच सौ क्यू आर कोड से डालने पड़े ! इस बाबू चाचा रिश्तेदारों को धन्यवाद देने के साथ साथ ,क्यू आर कोड ,को भी धन्यवाद देने से नहीं चूके !
Comments ( 1)
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डॉ मुकेश 'असीमित'
35 minutes agoशादी में लिफाफा लाना भूल गए? कोई बात नहीं!
उपहार काउंटर पर क्यूआर कोड लटका है—स्कैन कीजिए, शगुन भेजिए और तुरंत सुनिए—
“विवाह उपहार के पाँच सौ रुपये प्राप्त हुए!”
डॉ. प्रेमचंद द्वितीय की यह रोचक व्यंग्य रचना बताती है कि डिजिटल भुगतान ने बाजार से लेकर विवाह की रस्मों तक हर जगह अपना अधिकार जमा लिया है।