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टैंकर पर छपे विधायक के फोटो इस बात की गारंटी थे कि जल संकट पर विधायक बहुत गंभीर है ।उनके
क्षेत्र के गांव में पानी हो या न हो टैंकर जरूर दिखाई देंगे।
जलसंकट से ध्यान आया कि इस गांव का इकलौता हैंडपंप और उसके चलाने वाले की सांसे झूठे बोलते
पति की तरह चलती हैं।
पेयजल संकट पर जब इस गांव के हैंडपंप याद आई ।ये हैंडपंप सरकारी जादूगरी से दो बार नया लग चुका
है अगर आपको विश्वास नहीं है तो उसके नाम पर हुए भुगतान देख लीजिए।
इस बार होली के रंग धुलते हुए ही उसका दम फूलने लगा था। उसके अंदर लगे पाइप में वैसी आवाज
आना शुरू हो गई थी,जैसे अस्थमा का मरीज हो ।वह भी उम्र के इस पड़ाव पर था कि कुछ और पाइप लग
जाएं तो जैसे उसको थोड़ा सी उम्र और मिल जाती।
विधायक जी चुनाव के समय उसको देख गए थे।उसको लगा कि इस बार उसको जीवन मिल जाएगा।
विधायक निधि से टैंकर नहीं उसके पाइप लग जाएंगे ।वैसे ये हैंडपंप दो विधायक ,चार सरपंच देख चुका
है।
स्कूल के सामने लगा हैंडपंप बच्चों के लिए था। लेकिन अब महिलाये,बच्चे ही क्या ? गाय भैंस भी उसी के
पास आते हैं। इसलिए रात में भी अपनी ही धुन में खटर पटर से चलता रहता है।
इसी हैंडपंप ने कई बहुओं को सास बनते देखा है।नए नए जीजा जी के लिए छोटे साले द्वारा लोटा भरते
देखा है।
अब बात ये है कि इस साल वह खुद भी हिचकोले खा रहा है।
सरकारी कागज की सरपंच खुद आती है पानी भरने ।उन्होंने घर जाकर “असली” सरपंच से कहा ,सुनो
जी,इस साल गांव के हैंडपंप में पानी नहीं है।
पी एच ई के दफ्तर में गए सरपंच पति ने इंजीनियर साहब को कहा गांव के एक मात्र हैंडपंप में पानी कम
हो गया।
बिना कागज पर लिखे कोई मानता नहीं तो लिख कर मांगा गया।सरपंच ने स्कूल के पास वाला हैंडपंप
को दुरस्त किया जाए।
अब इंजिनियर साहब ने कहा इसको ऑन लाइन पोर्टल पर दर्ज करेंगे ,उस पर सारी जानकारी होती है।
ऑन लाइन पोर्टल पर देखा तो इंजीनियर साहब ने कहा ये हैंडपंप तो हमारा है ही नहीं ये तो शिक्षा विभाग
का हैं।
सभी विभागों की अपनी जमीनें हैं, अपनी संपत्तियां है,अपने अपने नियम है अपनी अपनी सरकार है।
सरपंच साहब की मोटर साइकिल शिक्षा विभाग के दरवाजे ।वहां के अधिकारी ने कहा हां ,वह हैंडपंप
हमारे ही विभाग का है।कई वर्ष पहले लगवाए गए थे स्कूली बच्चों के लिए लेकिन अब उसको दुरस्त
करने के लिए हमारे पास कोई मद नहीं है।हमारे पास अभी तो स्कूलों में पानी की छोटी टंकी बनाए जाने
का आदेश है।
सरपंच ने कहा जब पानी ही नहीं है फिर टंकी का क्या करेंगे।अधिकारी ने कहा इस से हमे मतलब नहीं ।
सरपंच ने कहा इसी मद से हैंडपंप ठीक करवा दें।अधिकारी ने कहा ये सरकारी कागज जब एक बार
चलता है तो उसके मद बदलना उतना ही मुश्किल है जितना मृत्यु के बाद वापिस उसी शरीर को ग्रहण
करना ।आखिर में अपनी नेतागिरी से काम न बनते देख ।विधायक निवास पर मत्था टेका ।विधायक जी
ने कहा अभी मेरी अधिकारियों से बात हुई है उनका कहना था कि किसी गांव में कोई पेयजल संकट
नहीं है।
सरपंच साहब को विधायक जी ने बताया कि पिछली विधायक निधि से भी आपके यहां एक टैंकर दिया
था।सरपंच साहब ने कहा कि वह तो रखा है पर पानी कहां से लाएं ?
विधायक जी ने कहा मेरी पूरी कोशिश है कि मैं जल संकट नहीं आने दूंगा।वह सरपंच साहब को घर के
पिछले हिस्से में ले गए जहां दो टैंकर रखे थे।
विधायक जी ने सरपंच साहब को एक टैंकर के सामने ले गए ।उनके पी ए ने एक बढ़िया फोटो निकाला।
सरपंच साहब ने कहा अब टैंकर ले जाऊं ?
विधायक जी ने कहा जब पानी ही नहीं है तो टैंकर का क्या करोगे,,?
दूसरे दिन अखबार में फोटो के साथ खबर थी कि जलसंकट से निपटने के लिए विधायक ने वितरित
किए टैंकर।
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