नाजिम बड़ा तालाब पर बर्ड वाक सलतापूर्वक आयोजन -Nazim bala talab Gangapur city Bird walk

डॉ मुकेश 'असीमित' Mar 1, 2022 Bird and wildlife 0

नाजिम वाले तालाब पर आज गंगापुर सिटी बर्डवाचिंग बर्ड walk का सफल आयोजन किया गया गंगापुर सिटी बर्ड walk का उद्देश्य शहर वासियों को नाजिम वाले तालाब में बर्डवाचिंग के सेंटर को डेवलप करने के उद्देश्य से एक जागरूकता लाना है इस कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति श्री शिवरतन जी अग्रवाल ने भाग लिया कार्यक्रम […]

Greater flamingo इसकी खूबसूरती से आबाद हो रहा है नाजिम वाला तालाब

डॉ मुकेश 'असीमित' Feb 24, 2022 Bird and wildlife 0

नाजिम वाले तालाब में इन दिनों बड़ी तादाद में ग्रेटर फ्लैमिंगो पहुंचे हैं इनकी कला वादियों से पूरा तालाब आबाद है राजहंस परिवार की इस प्रजाति का मूल ठिकाना यूं तो यूरोपीय देश के साथ ही दक्षिण एशिया में है लेकिन सर्दियों में यह भारत में कई स्थानों पर प्रवास करता है इन पक्षी की […]

ऋतु विश्ेाष में गर्भस्थ शिशु का पुत्र या पुत्री होना संयोग या सुयोग ?

Dr Shree Gopal Kabra Sep 18, 2021 Blogs 0

पुत्र प्राप्ति के लिए सितम्बर में गर्भ धारण शुभ, पुत्री के लिए दिसम्बर।डॉ. श्रीगोपाल काबरा गर्भस्त शिशु का लिंग निर्धारण और जन्म पर पुत्र या पुत्री का होना क्या ऋतु विशेष पर निर्भर करता है ? क्या वर्ष के किसी माह विशेष में गर्भ धारण से पुत्र या पुत्री का अधिक होना होता है या […]

अवैध प्रसव(Illegal Abortion )-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Sep 3, 2021 हिंदी लेख 0

अवैध प्रसवडॉ. श्रीगोपाल काबरा हमारे चिकित्सालय के नए अधीक्षक, नौसैना में सर्जन कोमोडर के पद से रिटायर हुए थे। अस्पताल में हाल ही में एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसके लिए किसी ने ‘शिकायत’ की कि वह महिला अविवाहित है और सन्तान ‘अवैध’ है। “क्या किया जाए ?” यही चर्चा का विषय […]

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)-डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Aug 29, 2021 Blogs 0

घातक आयनीकारक विकिरण (आयोनाइज़िंग रेडिएशन)डॉ. श्रीगोपाल काबरा मेरी क्यूरी ने 1902 में रेडियम का आविष्कार किया। इससे गामा किरणें निकलती हैं। शरीर के आर-पार जाती इन किरणों से हड्डियाँ देखी जा सकती हैं। कोशिकाओं के पार जाती इन आयनीकारक किरणों से कोशिका की जीन (डी.एन.ए.) संरचना बिगड़ सकती है जिसके कारण समयोपरान्त कैन्सर होता है। […]

जन्म के समय लिंग अनुपात के कारक डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Aug 28, 2021 Blogs 0

जन्म के समय बच्चों में लिंग अनुपात क्या होगा, उसे निर्धारित करने वाले कौन-कौनसे कारक (डिटरमिनेन्टे) हैं? यह समझना इतना सरल नहीं है जितनासाधारणतया सोचा जाता है।यह सर्वविदित है कि सामान्यतः जन्म के समय लड़के अनुपात में लड़कियों से अधिक होते हैं – 104-107 लड़के प्रति 100 लड़कियाँ। लेकिन यह अनुपात भिन्न हो सकता है। […]

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनाल-Amniotic fluid,Chord and Placenta

Dr Shree Gopal Kabra Aug 4, 2021 Blogs 0

पुष्कर स्नानः गर्भजल, जरायु और नाभिनालडॉ. श्रीगोपाल काबरानाभिनाल -शिशु को आँवल (प्लैसेन्टा) से जोड़ती है नाभिनाल। इसमें अत्यधिक बल खाई हुई दो धमनियाँ (आर्टरी) होती हैं और एक शिरा (वेन)। धमनियाँ शिशु के शरीर से अशुद्ध रक्त आँवल को ले जाती हैं और शिरा, शुद्ध हुआ रक्त, और माँ के रक्त से प्राप्त पोषक तत्त्व, […]

धुनियाः ओटन लगे कपास -लेख डॉ एस जी काबरा “

Dr Shree Gopal Kabra Jul 24, 2021 Blogs 0

लेखक ने अपने बचपन की यादो के धागों में पिरोये गये मोतियों में से एक मोती बरबस एक सहज और सुलभ भाषा में उपलब्ध किया है,कैसे एक धुनकी कपास और कबीर धुन की मीठी संगत नइ लेखक के मन को तो पुराणी यादो की मीठी स्मृति से रोमांचित किया ही है,बरबस हमे भी अंतर्मन को छू लेने बाली एक ठंडी सी हवा का झोंका कही दे कर गया है ऐसे ही लेख कविताये हिंदी और अंग्रेजी में पढने के लिए आज ही विजिट करे बात अपने देश की

Laadu-लाडू कविता हिंदी में

Mahadev Prashad Premi Jul 22, 2021 हिंदी लेख 0

लाडू -कुंडली ६ चरण लाडू बोला गोल हु,जायके में आनंद रस से भरी जलेबिया,या खाओ कलाकंद खाओ कलाकंद की अब रसगुल्ले भी खाओ बर्फी,खीरमोहन ,इमरती चमचम भी लाओ “प्रेमी” काला जाम ,खाय है मेरा साढू साढू जैसा प्यारा सा रिश्ता लागे लाडू

जीवन रक्षक स्तनपान-Life saving Breast Feeding

Dr Shree Gopal Kabra Jul 22, 2021 Health And Hospitals 0

जीवन रक्षक स्तनपानःनए जन्मे बच्चे में रोग प्रतिरोधात्मक शक्ति नहीं होती। वातावरण में व्याप्त विषाणुओं के सम्पर्क में आने पर ही हर विशिष्ट रोगाणु और विषाणु के लिए बालक का रक्षा संस्थान प्रतिरोधात्मक शक्ति हासिल करेगा। जब तक यह हो तब तक आवश्यक है कि ये प्रतिरोधात्मक तत्त्व शिशु को माता से मिलंे। ये माता के दूध से मिलते हैं और बालक के नाज़ुक प्रारम्भिक जीवन में उसकी रक्षा करते हैं