खाद्य तेल फिर क्यों हुआ महंगा? जानिए 2026 में बढ़ती कीमतों के 7 बड़े कारण

Anushka Garg Aug 21, 2026 Food 0

सरसों, सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल के दाम फिर बढ़ रहे हैं। आखिर खाने का तेल महंगा क्यों हुआ? जानिए वैश्विक युद्ध, आयात-निर्भरता, कमजोर रुपये, बायोफ्यूल और त्योहारी मांग का आपकी रसोई के बजट पर पड़ने वाला असर।

रैपिडो युग: अब आदमी से पहले उसकी लोकेशन पहुँच जाती है

Anushka Garg Aug 21, 2026 News and Events 0

रैपिडो बुक करते ही आदमी बाद में मिलता है, लेकिन उसका नाम, बाइक नंबर, रेटिंग और लोकेशन पहले पहुँच जाती है। डिजिटल मैप, लाइव लोकेशन और बाइक टैक्सी के इस दौर पर पढ़िए एक चुटीला हास्य-व्यंग्य।

iQOO Z11 5G लॉन्च: 7050mAh बैटरी और 50MP कैमरा—फोन दमदार, पर आदमी का धैर्य छोटा!

Anushka Garg Aug 20, 2026 Blogs 0

iQOO Z11 5G भारत में 7050mAh बैटरी, 50MP Sony कैमरा, 144Hz AMOLED डिस्प्ले और Dimensity 7500 Turbo प्रोसेसर के साथ लॉन्च हुआ है। जानिए इसकी कीमत, specifications और खूबियाँ—साथ ही पढ़िए उस डिजिटल दौर पर हल्का व्यंग्य, जहाँ मोबाइल की बैटरी लगातार बड़ी हो रही है, लेकिन इंसान का धैर्य छोटा!

पुरस्कार को नमस्कार है: साहित्यिक पुरस्कारों की राजनीति और सम्मान संस्कृति पर करारा व्यंग्य

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 20, 2026 व्यंग रचनाएं 0

आज साहित्य में लेखक बढ़ रहे हैं, पाठक घट रहे हैं और पुरस्कारों की संख्या दोनों से तेज़ी से बढ़ रही है। उम्र, वजन, लेखन गति से लेकर डिजिटल रिचार्ज तक—यदि सम्मान बाँटने की यही रफ्तार रही तो हर लेखक के लिए कोई-न-कोई पुरस्कार तय मिलेगा। साहित्यिक पुरस्कार संस्कृति पर एक चुटीला और धारदार व्यंग्य।

एक रंग तेरा, एक रंग मेरा: भारत की भाषाओं और लोकधुनों से सजा बहुभाषी देशभक्ति गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 18, 2026 Blogs 0

“एक रंग तेरा, एक रंग मेरा” भारत की विविध भाषाओं, लोकधुनों और सांस्कृतिक परंपराओं को एक सूत्र में पिरोता मौलिक बहुभाषी देशभक्ति गीत है। इसके प्रथम भाग में हिंदी, कश्मीरी, पंजाबी, सिंधी, उर्दू और संस्कृत अपने-अपने क्षेत्रीय संगीत रंगों के साथ ‘अनेकता में एकता’ का संदेश देते हैं।

नंदी सड़क पर, व्यवस्था समाधि में! आवारा सांडों का जानलेवा संकट

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 10, 2026 समसामयिकी 0

राजस्थान की सड़कों पर आवारा सांड राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा खतरा बन चुके हैं। वर्ष 2019 के बाद आधिकारिक समेकित आँकड़े तक उपलब्ध नहीं—आखिर नंदी सड़क पर और व्यवस्था समाधि में कब तक रहेगी?

कवी भूषन – “कविता में रणभेरी

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 8, 2026 Culture 0

कवी भूषन – “कविता में रणभेरी “ कवि भूषण—वीररस के ओजस्वी शिल्पी, भाषा के बाजीगर और अलंकार-विधान के विलक्षण साधक—का नाम लेते ही आँखों के सामने युद्ध-डमरू की ध्वनि, नगाड़ों की गड़गड़ाहट, तोपों का गर्जन और अश्वारोही सेनाओं का प्रवाह जाग उठता है। यही तो वह काव्य-संसार है जहाँ “साजि चतुरंग वीर रंग में तुरंग […]

सामाजिक जागरूकता के प्रेरक हिंदी गीत | Music with Mukesh Playlist

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 8, 2026 Blogs 0

नशामुक्ति, बाल-सुरक्षा, रक्तदान, योग, पर्यावरण, मोबाइल की लत, धूम्रपान-मुक्ति और चिकित्सकों के मानवीय पक्ष पर आधारित Music with Mukesh की सामाजिक जागरूकता गीत-प्लेलिस्ट सुनें।

जाति, गरीबी और अवसर: क्या आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा का समय आ गया है?

Dr Shailesh Shukla Aug 6, 2026 आलोचना ,समीक्षा 1

क्या भारत की आरक्षण व्यवस्था का लाभ सबसे जरूरतमंद नागरिकों तक पहुँच रहा है? सामाजिक न्याय, आर्थिक अभाव, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यकता-आधारित अवसरों पर संतुलित विमर्श।

लौटी हुई रचना: संपादक के ‘खेद सहित’ से घायल लेखक की व्यथा

Pradeep Audichya Aug 4, 2026 व्यंग रचनाएं 1

लेखक किसी रचना को विचारों की प्रसव-पीड़ा सहकर जन्म देता है, शब्दों और मात्राओं से पालता-पोसता है और फिर पत्र-पत्रिका को भेज देता है। लेकिन जब वही रचना संपादक के “खेद सहित” लौट आती है, तो लेखक के मन की दशा वैसी हो जाती है जैसे मोबाइल घंटों चार्ज पर लगा हो और बाद में पता चले कि स्विच ही बंद था। साहित्यिक दुनिया की इसी विडंबना पर एक आत्मीय और चुटीला व्यंग्य।