Mahadev Prashad Premi
Jul 14, 2021
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कर्म गठरिया लाद कर,जग फिर है इन्सान,जैसा कर वैसा भरे,विधि का यही विधान,विधि का यही विधान,कर्म से सव कुछ आवै,दुख से बदले सुख,सभीविपदा टल जावै,कर्म करे किस्मत वने,जीवन का यह मर्म,“प्रेमी”तेरे भाग्य में,तेरा अपना कर्म।
Mahadev Prashad Premi
Jul 12, 2021
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“कुण्डली”6चरण।“अखवार”अखवार प्रात ही घरपर,ले आता समचार,हिंसा चोरी लूट हो,होवे अत्याचार।होवे अत्याचार,सुसाइड वलत्कार हो।खूव फजीती होय,जो नेता भृष्टखोर हो,राजनीति की चाल,से काम करे सरकार,देश विदेशी खवर,सव छाप रहे अखवार।
Mahadev Prashad Premi
Jul 12, 2021
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वर्षा के दिन आ गये , भरे तलैया ताल खेती की आशा बनी,कृषक हुए खुशहाल न्रत्य करत है मोर पपहिये ने टेर लगाई “प्रेमी” खुश है आज, किसानो का मन हर्षा वन्धी आशा चहु और की आई सुन्दर वर्षा
Vyagra Pandey
Dec 25, 2020
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नव वर्ष मंगलमय -हिंदी कविता नव बर्ष विशेस कवी सम्राट व्यग्र पाण्डेय द्वारा रचित
डॉ मुकेश 'असीमित'
Dec 14, 2020
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*समस्त पिता एवं पुत्रो को समर्पितएक रचना अज्ञात श्रोत से मिली है. आप सभी को पसंद आएगी. ऐसे ही विचार लेख कविता आदि के लिए जुड़े रहिये बात अपने देश की से
Mahadev Prashad Premi
Nov 9, 2020
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दिवाली का त्यौहार खुशियों का उमंग का हर्ष का रोशनी का त्यौहार है. महादेव प्रेमी द्वारा रचित कुंडली विधा पर आधारित ये कविता आपको इस त्यौहार के महत्त्व को याद दिलाएगी. ऐसे ही कविता लेख आदि के लिए जुड़े रहे बात अपने देश की से
Mahadev Prashad Premi
Jun 30, 2020
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रसगुल्ला हिंदी कविता मिठाइयो का बंगाली सरताज रसगुल्ला के ऊपर लिखी एक हंसाती गुदगुदाती कविता है ,पाठको को जरूर पसंद आएगी
Mahadev Prashad Premi
Jun 29, 2020
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प्रस्तुत है मछरदानी के महत्व पर हंसाती गुदगुदाती एक कविता महादेव प्रेमी द्वारा रचित
Mahadev Prashad Premi
Jun 29, 2020
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“दिन जाड़े के आये”कुण्डली6चरण दिन जाड़े के आ गये,सुवहा उठा कुहार,अंग रजाई ना हटे,वाहर लगे फुहार, वाहर लगे फुहार,कि इच्छा हुई खाने की,गाजर हलवा गजक ,पकौडे भी पाने की, “प्रेमी”गुड के संग,बाजरा रोटी खाये,घी मिल जाये साथ,दिना जाडे के आये। रचियता -महादेव प्रेमी
Mahadev Prashad Premi
Jun 29, 2020
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वर्षा का मौसम है ,इस सुहाने मौसम को समर्पित कुंडीली विधा रचित ये कविता पाठको के लिए प्रस्तुत है