“तिनका ” हिंदी कविता by Mahadev premi

Mahadev Prashad Premi May 7, 2020 Poems 0

आज की मेरी कविता उन दुराभावो को दूर करने के लिए प्रेरित है जिस के चलते हम अपने से तुच्छ या नीचे ओहदे बाले व्यक्तियों कोइ सैदेव उलाहना या निंदा करते है. किसी भी व्यक्ति विशेष को उसके पद या हैसियत के हिसाब से छोटा या नीच नहीं समझना चाहिए,परिस्थितिया आपके प्रतिकूल होने पर ही […]

Will the changes be permanent post coronavirus era?

डॉ मुकेश 'असीमित' May 6, 2020 Blogs 2

In this era of Corona virus, the values ​​and virtue of life we ​​have brought in our lives, whether they will remain permanent even after the end of this corona crisis or is it just a kind of spar with himself and society ?

Kalyug (कलयुग) हिंदी कविता by Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi May 5, 2020 Poems 0

कलयुग की उल्टी लीला से सभी सामना कर रहे है. कलयुग के रूप में जो उल्टी गंगा बह रही है उसका सटीक वर्णन करती हुई यह कविता आपके समक्ष प्रस्तुत है “कलयुग” कलयुग झूठ अधार है,कलयुग बेईमान,कपट, द्वेष ,पाखंड सब, हैं अवगुण की खान, है अवगुण की खान ,कि भोगी योगी बन गये,चोर लुटेरे साधु […]

Duniyadaari (दुनियादारी ) हिंदी कविता by Mahadev ‘Premi “

Mahadev Prashad Premi May 5, 2020 Poems 1

Duniyadaari (दुनियादारी ) kundili रचना इस दिनिया के मायाजाल को देख कर बनायीं है ,कैसे मनुष्य इस मायाजाल में फंसकर अपनी साड़ी जिंदगी व्यर्थ क्र देता है और जो उसका परम उद्देश्य इस जीवन में अपने आपको पहचानने का है उसको भूल गया है.

Post-Corona war, impending global famine

डॉ मुकेश 'असीमित' May 5, 2020 Health And Hospitals 0

कोरोना ने दुनिया को एक साथ लड़ने पर मजबूर किया, लेकिन भूख ने तय कर दिया कि हार सबसे पहले कौन जाएगा। चार किलोमीटर लंबी कतारें बताती हैं कि महामारी से पहले भूख थी, महामारी के बाद भूख व्यवस्था बन गई। लॉकडाउन वायरस को रोक सकता है, पर अगर रोटी नहीं पहुँची तो इंसान को कौन बचाएगा?

International Labour day-without labour nothing prospers

डॉ मुकेश 'असीमित' May 4, 2020 Important days 0

Do not shy away from labour in any way. Labour is the foundation of the progress of any country. Do your own work as much as possible yourself. Only accepting message on this International labour day, rather than formally observing this day can be a true celebration of this day.

“चटनी और अचार” हिंदी कविता -by Mahadev Premi

Mahadev Prashad Premi May 4, 2020 Poems 0

जैसा की आप सभी जानते है भारतीय पाक कला विज्ञान में पुरातन काल से ही चटनी और अचार का विशेष महत्व है. हमारे नित प्रतिदिन के खानपान में इसका समावेश रहता है. यह न केवल एक प्रकार से खाने का मेनू बढाने के लिए है बल्कि इसका एक वैज्ञानिक कारन है. यहाँ भारत का परम्परिक सूप है जो भूख बढाता है तथा पाचन शक्ति की व्रद्धि करता है. आज की मेरी कविता इसी पाक विशेष "चटनी औ अचार " को समर्पित है.

कोरोना की दीक्षा हिंदी कविता

Vyagra Pandey May 3, 2020 Poems 1

आज कोरोना संकट से जूझ रहे विश्व पर मेरी ये विशेष रचना “कोरोना की दीक्षा ” प्रस्तुत कर रहा हु. कोरोना रुपी इस बह्यानक महालाल में हर मनुष्य अपने आप को मनुष्य बनाए रखे यह इस कोरोना रुपी संकट से उबरने के लिए नितांत आवश्यक है कोरोना की दीक्षा है … “”””””””””” “””””””””””””” तू तेरे […]