Mahadev Prashad Premi
May 20, 2020
Poems
0
“इंग्लिश पटरानी”कुण्डली 8चरण इंग्लिश पटरानी बनी,हिंन्दी है लाचार,झेल रही निज देश में,सोतेला व्यवहार, सोतेला बर्ताव ,झेल रही अपनी हिन्दी,जो संस्कृति आधार,बनी भारत की बिंदी , आज बहुत से चला,रहे इंग्लिश विद्यालय,इंग्लिश में ही वहस , सुनें सवकी न्यायालय, “प्रेमी” इंगलिश वात,करै वो ही तो ज्ञानी,हिन्दि जगह पर बनी,आज इंगलिश पटरानी। रचियता -महादेव प्रेमी यह भी […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 20, 2020
Poems
0
कविता शीर्षक “चलना सच की राह” हमे कैसी भी विपरीत परिस्थितियों में सच का मार्ग नही छोड़ने की प्रेरणा देती है। “चलना सच की राह” (कुण्डली 8चरणचलना सच की राह पर, आज नहीं आसान,झूठ विके झट पट यहां, सच की बंद दुकान,सच की बंद दुकान, बजी झूठों की तूती,झूठे सव आवाद ,बनी सव दुनियां झूठीभाषण […]
Sunita Sharma
May 20, 2020
Poems
5
डाॅक्टर, नर्स, सफाईकर्मी, पुलिस या चाहे हो वो पत्रकार विपत्ति की विकट घड़ी में लगते स्वयं ईश्वर का अवतार स्वहित त्याग कर लोकहित के लिए जिन्होंने त्यागा अपना घर-बार उन्हीं में ढूंढो उसको, जिसके लिए तुम जाते मन्दिर मस्जिद या गुरुद्वार शत शत नमन भी कम पड़ते हैं ये मानवता के सच्चे कर्णधार […]
Sunita Sharma
May 20, 2020
Poems
6
रातें क्यूं है सोई सोई दिन की धूप भी है खोई खोई क्या हुआ ये , कैसा है मंजर हाथों से छूटा, मानव का खंजर इस खंजर से वो, प्रकृति को नोचता था स्वार्थ में हो अन्धा, कुछ न सोचता था पक्षी उन्मुक्त हो, कैसे चहचहाए हवाएं भी सुगन्धित होकर गुनगुनाएं […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
Music Songs
0
आज जब कोरोना रूपी महामारी में सभी जगह निरशा और अनिष्चितता का अंधेरा छाया हुआ है। ऐसे में एक पुरानी फ़िल्म बातो बातो में का यह गाना शायद आपको जरूर एक आशावान ऊर्जा से भर देगा। आप इस गाने को एक बार अवश्य सुने । आप इसे खुद भी गुनगुनाये। मेरा दावा है यह गाना […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
Business Talk
0
वायरस की वजह से जब पूरा देश लॉक डाउन की स्थिति में है ऐसे में व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड रहा है. प्रबासी मजदूर अपने अपने घरो को लौट रहे है इसलिए शहरो में छोटी ,बड़ी सभी फैक्ट्रीज जहा manual लेबर ज्यादा था वो सब बंद हो गयी है.व्यापारियों को समझ में नहीं आ […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 19, 2020
Poems
0
कविता" हरियाली " प्रकृति की खूबसूरती को बयान करती कविता है. किस तरह कवी को श्रावण मास में गाँव का वो स्वछन्द वतावरण और प्रकृति की छटा याद आती है
Mahadev Prashad Premi
May 18, 2020
Poems
1
नारी जीवन’ कविता नारी के महत्व और समाज में उसके विशेष स्थान का बोध कराती है . “नारी जीवन” (कुण्डली6चरण ) नारी जीवन दायिनी,नारी से संसार,हर रिश्ते की जान,वो वो ही घर परिवार, वो ही घर परिवार,वही ये जग के नाते,नारी शक्ती रूप,प्रेम नारी से पाते, “प्रेमी” नर वुनियाद बनी ,नारी के ही तन,नारी की […]
Dr Shree Gopal Kabra
May 18, 2020
Lifestyle
2
अदृश्य जीवों का विलक्षण संसार। मानव अपने बौद्धिक अहंकार में इनके अस्तित्व को तुच्छ मान कर चल रहा था। सोच रहा था, वह सर्वेसर्वा है। सारे जगत का संचालन व नियंत्रण कर सकता है। एक विषाणु – कोरोना वाइरस – ने जीव जगत में मानव को उसकी तुच्छता का अहसास करा दिया। जता दिया कि […]
डॉ मुकेश 'असीमित'
May 18, 2020
Poems
0
गर लौट सका तो जरूर लौटूंगा, तेरा शहर बसाने को।पर आज मत रोको मुझको, बस मुझे अब जाने दो।।मैं खुद जलता था तेरे कारखाने की भट्टियां जलाने को,मैं तपता था धूप में तेरी अट्टालिकायें बनाने को।मैंने अंधेरे में खुद को रखा, तेरा चिराग जलाने को।मैंने हर जुल्म सहे भारत को आत्मनिर्भर बनाने को।मैं टूट गया […]