“रक्षा बंधन” हिंदी कविता

“रक्षा बंधन”
कुण्डली 6चरण

रक्षा बंधन पर्व है,भाई वहिन प्यार,
रक्षा धागे के बदले,मांगा रक्षा भार।

मांगा रक्षा भार ,सुरक्षा नाव चलाना,
दु:ख की भंवर आये,छोड़ पतवार न जाना,

“प्रेमी”भैया बहिन,प्यार मेरा अभिनंदन,
प्रेम सूत्र में बंधा,पाक ये रक्षा वंधन।

रचियता -महादेव प्रेमी

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Mahadev Prashad Premi

साहित्यिक नाम-महादेव प्रेमी जन्म स्थान-ग्राम परीता स्थाई पता- संजय कालोनी…

साहित्यिक नाम-महादेव प्रेमी जन्म स्थान-ग्राम परीता स्थाई पता- संजय कालोनी गर्ग होस्पीटल गंगापुर सिटी ,स0 मा0 (राज0)322201 मोबाईल 9667627720 संप्रति:चिकित्सा कर्मी कार्य क्षेत्र:चिकित्सा कार्य लेखन विधा-गजल,गीत,कविता और पहेली लेखन आदि प्रकाशन:(1)”बूझोबल” पहेली संग्रह प्राप्त सम्मान:कई सामाजिक व साहित्यिक सम्मान प्राप्त लेखनी उद्देश:सामाजिक विसंगतियों पर लिखना प्रेरणा पुञ्ज:स्वयम एवम अन्य लेखक रुचियां: साहित्य लेखन/अध्यापन

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