कबीरा रे… मन की गठरी खोल रे | Soulful Kabir Nirgun Bhajan

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 6, 2026 Culture 0

“कबीरा रे…” एक भावपूर्ण निर्गुण भजन है, जो मनुष्य को बाहर भटकने के बजाय अपने भीतर बसे साहिब को खोजने, मन की गाँठें खोलने और कबीर की सहज वाणी को अनुभव करने का संदेश देता है।

चल रे हंसा देश पराया | Soulful Kabir Nirgun Bhajan | जीवन और माया का संदेश

डॉ मुकेश 'असीमित' Sep 2, 2026 India Story \बात अपने देश की 0

“चल रे हंसा, देश पराया” एक soulful Kabir Nirgun Bhajan है जो जीवन की क्षणभंगुरता, माया, कर्म, गुरु-बोध और आत्मा की अंतिम यात्रा का गहरा संदेश देता है। पूरा गीत YouTube पर सुनें।

मैं कौन हूँ? नाम, धर्म और देह से परे आत्मा की खोज करता निर्गुण सूफ़ियाना भजन

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 26, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

“मैं कौन हूँ?” एक मौलिक निर्गुण सूफ़ियाना भजन है, जो नाम, धर्म, देह और सामाजिक पहचानों से आगे मनुष्य के वास्तविक अस्तित्व की खोज करता है। जानिए गीत का भाव, दर्शन और इसके पीछे छिपा आत्मबोध का संदेश।

माटी का घरौंदा रे: किस बात का घमंड? जीवन की नश्वरता समझाता कबीर निर्गुण भजन

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 22, 2026 Culture 0

माटी का घरौंदा रे… तन भी उधार, साँस भी उधार—फिर किस बात का घमंड? कबीर-भाव से प्रेरित यह मौलिक निर्गुण भजन जीवन की नश्वरता, माया के भ्रम और भीतर के सत्य की ओर लौटने का सुंदर आध्यात्मिक संदेश देता है।

कबीर भजन: आँखिन देखी और कागद की लेखी | भावार्थ

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 7, 2026 Culture 0

कबीर भजन ‘मेरा–तेरा मनुआ रे’ में अनुभव और किताबी ज्ञान का अंतर जानिए। पढ़ें इसके पदों का भावार्थ और निर्गुण फोक–रॉक संगीत-शैली का परिचय।

कबीर निर्गुण भजनों की गूँज: छह गीतों की भावपूर्ण शृंखला अब एक साथ

डॉ मुकेश 'असीमित' Aug 5, 2026 Culture 0

कबीर-दर्शन और निर्गुण भक्ति से प्रेरित छह भावपूर्ण गीतों की कहानी, संदेश और अलग-अलग YouTube लिंक पढ़ें तथा अंत में संपूर्ण कबीर भजन जुकबॉक्स सुनें।

बालम, आवो हमारे गेह रे—भीतर बसे प्रियतम की खोज का कबीर निर्गुण भजन

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 25, 2026 Darshan Shastra Philosophy 0

भागती जिंदगी, रिश्तों की भीड़ और उपलब्धियों के बीच मन क्यों सूना रह जाता है? पढ़िए और सुनिए कबीर-भाव से प्रेरित लोक–सूफ़ी भजन “बालम, आवो हमारे गेह रे” की आत्मिक यात्रा।

तन माटी रो पुतला: कबीर भजन श्रृंखला की चौथी निर्गुण भजन प्रस्तुति

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 19, 2026 Culture 0

“तन माटी रो पुतला” डॉ. मुकेश असीमित की कबीर भजन श्रृंखला की चौथी रचना है। यह निर्गुण भजन देह-अभिमान, माया, धन और जीवन की क्षणभंगुरता पर कबीर-वाणी जैसे सहज लोक-सत्य को सूफ़ियाना-फोक संगीत शैली में प्रस्तुत करता है।

दर पे भूखा बैठा रे: दया, सेवा और सच्ची पूजा का संदेश देता कबीर भजन

डॉ मुकेश 'असीमित' Jul 16, 2026 Music Songs 0

“दर पे भूखा बैठा रे” कबीर-वाणी से प्रेरित एक भावपूर्ण भजन है, जो दया, सेवा और सच्ची पूजा का संदेश देता है। पढ़िए गीत के सम्पूर्ण बोल और सुनिए Music with Mukesh पर इसकी संगीतमय प्रस्तुति।