विश्व पर्यावरण दिवस पर एक हरित संकल्प: “पेड़ लगा ले यार रे…”

आज विश्व पर्यावरण दिवस है। आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।

पर्यावरण दिवस केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, यह धरती के प्रति हमारी जिम्मेदारी याद दिलाने वाला दिन है। हवा, पानी, मिट्टी, पेड़ और प्रकृति—इन्हीं से हमारा जीवन है। आज जब गर्मी बढ़ रही है, मौसम का मिजाज बदल रहा है और शहरों से लेकर गाँवों तक हरियाली कम होती जा रही है, तब पेड़ लगाना केवल शौक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी नैतिक जिम्मेदारी बन चुका है।

इसी भावना के साथ मैंने एक छोटी-सी मुहिम शुरू की है—
“पेड़ लगा ले यार रे…”

यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक हरित अभियान है। इस गीत के जरिए मेरी कोशिश है कि हम सब मिलकर पेड़ लगाने और प्रकृति को बचाने के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाएँ।

पेड़ लगा ले यार रे: एक गीत, एक मुहिम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मैंने यह गीत सोशल मीडिया पर साझा किया है। गीत के बोल मेरे हैं और इसका संगीत AI Music Platform पर तैयार किया गया है।

यह गीत YouTube और Instagram पर अपलोड किया गया है। आप इस गीत को अपनी रील, वीडियो, पोस्ट या पर्यावरण अभियान में उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं।

मेरा उद्देश्य किसी प्रकार का व्यावसायिक लाभ नहीं है। उद्देश्य केवल इतना है कि यह गीत अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे और लोग पेड़ लगाने के लिए प्रेरित हों।

आप इस मुहिम से कैसे जुड़ सकते हैं?

आप इस गीत पर अपनी रील बना सकते हैं।
आप पौधा लगाते हुए वीडियो बना सकते हैं।
आप अपने स्कूल, संस्था, क्लब, परिवार या मित्रों के साथ हरित अभियान चला सकते हैं।
आप अपनी कॉलोनी, खेत, घर, अस्पताल, स्कूल या सार्वजनिक स्थान पर पौधा लगाकर उसका वीडियो साझा कर सकते हैं।

बस एक छोटी-सी विनम्र अपेक्षा है—
यदि आप इस गीत का उपयोग करें, तो अपने वीडियो या रील में गीत का क्रेडिट अवश्य दें।

गीत: “पेड़ लगा ले यार रे…”
लेखन: डॉ. मुकेश असीमित
Music & Composition: AI Platform

अपनी रील या वीडियो मुझे भेजें

यदि आप इस गीत के साथ अपनी रील या वीडियो बनाते हैं, तो उसका लिंक मुझे भी भेजें। मैं उन्हें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और “बात अपने देश की” के माध्यम से साझा करने का प्रयास करूँगा।

यह मुहिम अकेले मेरी नहीं है। यह हम सबकी है। धरती हमारी है, हवा हमारी है, जीवन हमारा है—और जिम्मेदारी भी हमारी ही है।

आज संकल्प लें

आज विश्व पर्यावरण दिवस पर केवल शुभकामनाएँ न दें।
एक पौधा लगाएँ।
एक पौधा बचाएँ।
किसी बच्चे को पेड़ का महत्व समझाएँ।
किसी सूखते पौधे को पानी दें।
किसी कटते पेड़ के लिए आवाज उठाएँ।

क्योंकि धरती को हरा-भरा बनाना अब विकल्प नहीं, आवश्यकता है।

आइए, इस गीत को केवल सुनें नहीं—इसे एक आंदोलन बनाएँ।

🌳 पेड़ लगा ले यार रे…!
रील बनाओ, पोस्ट करो, लेकिन एक पौधा ज़रूर लगाओ। 🌱

इस विश्व पर्यावरण दिवस पर मेरा यह छोटा-सा प्रयास आप सभी को समर्पित है। यदि इस गीत से प्रेरित होकर एक भी व्यक्ति पेड़ लगाने का संकल्प ले ले, तो मैं अपने प्रयास को सफल मानूँगा।

लेखक: डॉ. मुकेश असीमित
ब्लॉग: बात अपने देश की

डॉ मुकेश 'असीमित'

डॉ मुकेश 'असीमित'

लेखक का नाम: डॉ. मुकेश गर्ग निवास स्थान: गंगापुर सिटी,…

लेखक का नाम: डॉ. मुकेश गर्ग निवास स्थान: गंगापुर सिटी, राजस्थान पिन कोड -३२२२०१ मेल आई डी -thefocusunlimited€@gmail.com पेशा: अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ लेखन रुचि: कविताएं, संस्मरण, व्यंग्य और हास्य रचनाएं प्रकाशित  पुस्तक “नरेंद्र मोदी का निर्माण: चायवाला से चौकीदार तक” (किताबगंज प्रकाशन से ) काव्य कुम्भ (साझा संकलन ) नीलम पब्लिकेशन से  काव्य ग्रन्थ भाग प्रथम (साझा संकलन ) लायंस पब्लिकेशन से  अंग्रेजी भाषा में-रोजेज एंड थोर्न्स -(एक व्यंग्य  संग्रह ) नोशन प्रेस से  –गिरने में क्या हर्ज है   -(५१ व्यंग्य रचनाओं का संग्रह ) भावना प्रकाशन से  प्रकाशनाधीन -व्यंग्य चालीसा (साझा संकलन )  किताबगंज   प्रकाशन  से  देश विदेश के जाने माने दैनिकी,साप्ताहिक पत्र और साहित्यिक पत्रिकाओं में नियमित रूप से लेख प्रकाशित  सम्मान एवं पुरस्कार -स्टेट आई एम ए द्वारा प्रेसिडेंशियल एप्रिसिएशन  अवार्ड  ”

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