कोशिका का आंतरिक समाज शास्त्र-Cellular internal social science

Dr Shree Gopal Kabra Apr 2, 2021 Blogs 0

Dr S G Kabra has beautifully described the whole social science framework present in our each cell. हर नन्ही-सी, आँखों से न दिख ने वाली, जिसे देखने के लिए माइक्रोस्कोप (सूक्ष्मदर्शी यंत्र) चाहिए, ऐसी कोशिका में भी विलक्षण संसाधन, सामाजिक संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था होती है। यानी कण कण में विधि-विधान। Human anatomy is really a wonder world .

क्लब 91 द्वारा गणतन्त्र दिवस पर समर्पित देश भक्ति विडियो गीत

डॉ मुकेश 'असीमित' Jan 25, 2021 Blogs 0

क्लब ९१ हमेशा से कुछ अलग हट कर करने का प्रयास करता रहता है.क्लब ९१ ने इस बार गणतंत्र दिवस के उप्लाख्य पर एक अनूठी पहल पेश की है. सभी क्लब ९१ के सदस्योने अपने परिवार के साथ मिलकर एक देश भक्ति गीत ” आवाज दो हम एक है ” पर फिल्मांकन किया. मजेदार बात […]

जड़बुद्धि जीनियस – विक्लांग विद्वान

Dr Shree Gopal Kabra Jan 25, 2021 Blogs 0

मनसिक कमी के रहते हुए किसी विशेष क्षेत्र में कौशल या प्रतिभा कैसे संभव होती है इसके लिए अवधारणा है कि उनकी मानसिक प्रतिक्रिया विशिष्ट क्षेत्र में घनीभूत होकर अति-सक्रिय हो जाती है। पढ़े डा एस जी काबरा द्वारा लेख जो बट्टा है कुछ उदाह्र्नो के साथ कैसे जड़ बुद्धि का व्यक्ति भी अप्रत्याशित विलक्षण क्षमता, दक्षता या प्रतिभा दिखा सकता है ऐसे ही लेख कविता आदि पढने के लिए जुड़े रहिये बात अपने देश की से

प्राण प्रणेता पौरुष पुंज आपके शुक्राणु डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Jan 3, 2021 Blogs 0

प्राणियों के प्राण प्रणेता - प्राणनाथ - शुक्राणु ही होते हैं। पढ़िए रोचक तथ्यात्मक जानकारी शुक्रानुओ के बारे में लेख डा एस जी काबरा द्वारा प्रकाशित जुड़े रहे बात अपने देश की से ऐसे ही रोचक जानकारियों भरे लेख के लिए

आँखें नियामत – आँखे बोलती हैं। दो नयना मत खाइयो, पीव मिलन की आस -डॉ. श्रीगोपाल काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Dec 20, 2020 Blogs 0

क्या आप जानते हैं – – कि आपकी दो आँखें आपके मस्तिष्क के संचार संस्थान के दो दूरदरर्शन स्टूडियों है जिनमें (हर आँख में) 1 करोड़ 80 लाख डिजिटल कैमरे लगे होते हैं। आँख के पिछले भाग में स्थित दृष्टि–पटल (रेटिना) में रोड्स (दण्ड) और कोन्स (तिकोण) कैमरे होते हैं। 60 लाख रंगीन तिकोन कैमरे […]

प्रेम पाती, प्रणय निवेदन, स्वयंवर और संग्राम गंध संवाद का विलक्षण संसार -लेख डा एस जी काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Dec 15, 2020 Blogs 0

कोई जीव या प्राणी अपने से बाहरी जगत से संपर्क और संवाद किये बिना जीवित नहीं रह सकता। प्रकृति से संपर्क-संवाद अपना अस्तिव बनाये रखने के लिए, और प्रजाति से संवाद जीव की प्रजाति को शाश्वत बनाये रखने के लिए आवश्यक है। पढ़िए इसी सन्दर्भ में डा एस जी काबरा द्वारा लिखित लेख बात अपने देश की पर .अपने लेख विचार कविता आदि प्रकाशन के लिए संपर्क करे 8619811757 पर

जीवन धारा – रक्त कोशिकाएं जीवंत कोशिकाओं का विलक्षण संसार

Dr Shree Gopal Kabra Dec 11, 2020 Blogs 2

आपके प्राण प्राणवायु वाहक लाल रक्त कण क्या आप जानते हैं –        – कि शरीर की प्रत्येक कोशिका (सेल) अपने आप में एक जीव होती है, उसका एक व्यवस्थित न्यूक्लियस नामक सेक्रेटेरियट होता है जहां हजारों ‘जीन’ अधिकारी जैविक संचालन करते हैं। माईट्रोकोंड्रिया नामक पावर हाउस होते हैं जहां आक्सिजन से उर्जा उत्पन्न होती […]

अविश्वसनीय पर सच मस्तिष्क के विलक्षण क्रियाकलाप-लेख-डा एस जी काबरा

Dr Shree Gopal Kabra Dec 2, 2020 Blogs 1

जानिये मस्तिष्क की अद्भुत कार्यप्रणाली के बारे में,अविश्वसनीय पर सच और चौंकाने बाली जानकारी जो एक बार तो आपके अब तक के संचित ज्ञान को झकझोर देगी. ख़ूबसूरत लेख प्रसिद्ध चिकित्सक विचारक शिक्षक डा एस जी काबरा द्वारा लिखित